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  • The other side of the coin focuses on social issue gone through in day to day life. It gives another perspective to it. The other side is a different way to look at life.
  • Teri Hi Tasveer

    200.00
    लिखना तो काफी पहले शुरू कर दिया था, कलम ने चौदह साल का वनवास गुजारा और तब उसे एक पहचान मिली, संसार के एक कोने से आ रही एक पुकार के रूप में। आज की तारीख में मेरे तीन कहानी संग्रह आपके सामने आ गए हैं और साथ में ये दो कविता संग्रह भी। मेरी कविताओं के आठ संग्रह तैयार हो गए थे लेकिन मैंने दो-दो संग्रह के एक संग्रह बनाकर उन्हे निकालने की सोची है। मेरा दूसरा कविता संग्रह तेरी ही तस्वीर मैं लोकार्पित करता हूँ। ये जिस तस्वीर की बात कह रहा हूँ, कविता संग्रह में उसी का अनछुआपन उसी की मासूमियत झलकती है। मुझे पता है कि जीवन की ये तस्वीरें कितनी खूबसूरत होती हैं! शुरुआत की हिचक, भूलें और वो बचपना है इस संग्रह में जो रंग बनकर उस तस्वीर में विद्यमान है। कुछ कविताएं यहाँ ऐसी हैं जिनमे बहुत प्रौढ़ता झलकती है मतलब आप समझ सकते हैं कि ये बाद की हैं। कुछ कविताएं गलतफहमियों के दौर की हैं तो कुछ जीवन की अटल सच्चाइयों की। मैं आज भी इन्हे याद करता हूँ तो कई बार शरीर मे स्फूर्ति आती है तो कई बार चलते-चलते भरे बाज़ार में चाल थम जाती है। ये तेरी नहीं, तेरे चेहरे में मेरी ज़िंदगी की तस्वीर है। शब्दों और संवेदनाओं के बाज़ार में मैं इन्हे उतार रहा हूँ।  
  • Sankshipt

    350.00
    मैं अपने तीसरे कहानी-संग्रह की दुनिया में आपका स्वागत करता हूँ। कुछ कहानियाँ शब्दों से ही नहीं, स्वभाव से भी बड़ी होती हैं और जीवन के एक पूरे के पूरे दौर की व्याख्या कर जाती हैं। ऐसी ही कहानियां 'संक्षिप्त' में संकलित हैं। ये सारी कहानियाँ मेरी ज़िंदगी का झूठा-सच हैं, मतलब अनुभूतियों से सच और पात्रों से झूठ। इन्हें मैंने इतने करीब से जिया है कि इनपर मेरा एक सौ एक प्रतिशत अधिकार है। मैं इन्ही कहानियों पर उपन्यास बनाने की कोशिश कर रहा हूँ जो एक-एक करके आपके सामने आएंगी। एक-दो कहानियाँ पुरानी हैं और शेष कहानियाँ नयी हैं। इनके कथ्य, इनकी शैली, इनके शब्दों में वो सारे परिवर्तन परिलक्षित होते हैं जो मुझमें जीवन के इस कठिन दौर में चलते-चलते आए थे। ये कहानियाँ ज़्यादातर प्रेम-कहानियाँ हैं और अगर कुछ और भी है तो उसका भी आधार प्रेम ही है।
  • दोस्तों ! 'एक आग का दरिया' के बाद मेरी ये दूसरी कृति, एक कहानी संग्रह, 'सावन की एक साँझ' आपके सामने प्रस्तुत है। दस कहानियाँ हैं इसमे जिनमे ज़्यादातर नई हैं मतलब पिछले तीन-चार सालों मे लिखी गईं...ये उस दौर की कहानियाँ हैं जब जीवन के ज़ीरो माईल पर खड़े होकर मैंने सावन की मूसलाधार बारिश में भींगना स्वीकार किया था। कभी खुद से सीखा, कभी दूसरों ने सिखाया और मैं पहले की तरह लिखता गया। भगवान ने ऐसी ज़िंदगी दी है कि कहानियों की कभी कोई कमी नहीं हुई...कभी-कभी लगता है ज़िंदगी कम पड़ जाएगी, मेरी लिखने के लिए और आपकी पढ़ने के लिए। सावन की वो साँझ ऐसी साँझ थी जो जीवन के एक दौर और एक कहानी संग्रह की पहचान बन गयी...उस साँझ ने मुझे सुबह का मतलब समझाया और समय ने स्वर्ग की उस सीढ़ी का पता मुझे बताया जिसने मुझे अपनी पहचान बदलने मे सहायता की।